लखनऊ के मड़ियावां निवासी कौशलेश वर्मा का सीतापुर के खगेसियामऊ में डीपी वर्मा मेमोरियल डिग्री कालेज है। कौशलेश कालेज के चेयरमैन हैं। कौशलेश वर्मा अपने भाई मनीष वर्मा, चचेरे भाई व कालेज प्रबंधक संदीप वर्मा, भाई आशीष वर्मा के साथ डीपी वर्मा मेमोरियल डिग्री कालेज जाने के लिए सीतापुर के लिए निकले थे।
करीब 10.30 बजे कार जब कमलापुर के पास हाईवे पर गोन नदी पुल को क्रास कर रही थी। अचानक एक बंदर सामने आ गया। बंदर को बचाने में कार चालक ने नियंत्रण खो दिया। कार पुल की रेलिंग को क्रास करते हुए नीचे नदी में जाकर गिरी। हादसा होते ही घटना स्थल पर भीड़ जमा हो गई।
उसी समय सीओ सिधौली शोभित कुमार सीतापुर से सिधौली की तरफ जा रहे थे। उनकी सूचना पर थानाध्यक्ष कमलापुर सतीश चंद्र व भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) के त्रिपुरारी पांडेय, जय किशोर की टीम मौके पर पहुंची और राहत बचाव कार्य शुरू किया। चारों घायलों को निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां संदीप वर्मा व मनीष वर्मा को मृत घोषित कर दिया गया। जबकि गंभीर रूप से जख्मी कालेज चेयरमैन कौशलेश वर्मा व आशीष वर्मा को लखनऊ के लिए रेफर कर दिया।
आवारा पशु बन रहे मौत का सबब
कमलापुर के गोन नदी पुल के आस पास वन विभाग का जंगल है। इसमें बंदरों की संख्या अधिक है। अक्सर बंदर सड़क पार करते देखे जाते हैं। वहीं बेसहारा पशु भी बने रहते हैं। इस कारण कई बार हादसे हो चुके हैं।
कालेज में जरूरी काम से निकले थे
कालेज चेयरमैन कौशलेश वर्मा दिल्ली में रहते हैं। वह कालेज में जरूरी काम के लिए दिल्ली से लखनऊ आए थे। कौशलेश वर्मा व मनीष वर्मा तथा संदीप वर्मा व आशीष वर्मा चचेरे भाई हैं।
हाईवे पर गोन नदी पुल पर हादसा हुआ है। कार लखनऊ की तरफ से सीतापुर जा रही थी। कार की रफ्तार काफी तेज थी। हादसे में दो लोगों की मौत हुई है, दो गंभीर रूप से जख्मी हैं।
सतीश चंद्र, थानाध्यक्ष कमलापुर