Umesh Pal Encounter: जानिए उमेश पाल हत्याकांड के आरोपी अरबाज की पूरी कहानी, जो एनकाउंटर में हुआ ढ़ेर...
उमेश पाल हत्याकांड के एक आरोपी की एनकाउंटर (Umesh Pal Murder Encounter) में मौत हो गई है. उत्तर प्रदेश पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप और जिला पुलिस ने प्रयागराज के नेहरू पार्क में आरोपी अरबाज को एनकाउंटर गोली मारी थी. अरबाज पर राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल और उनके एक सरकारी गनर की दिनदहाड़े हत्या में शामिल होने का आरोप था.आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, अरबाज प्रयागराज के सलापुर इलाके का रहने वाला था. उसे पूर्व सांसद अतीक अहमद का करीबी बताया जाता था. वो कथित तौर पर अतीक अहमद की गाड़ी चलाता था. अतीक अहमद फिलहाल गुजरात की साबरमती जेल में बंद है. यूपी पुलिस उससे पूछताछ की तैयारी कर रही है. सूत्रों का कहना है कि जेल से अतीक अहमद ने ही हत्याकांड की साजिश रची.
उमेश पाल हत्याकांड क्या है?
2005 में बसपा विधायक राजू पाल की हत्या हुई थी. केस का मुख्य गवाह उमेश पाल ही था. शुक्रवार, 24 फरवरी की शाम को उमेश पाल और उसके सरकारी गनर की प्रयागराज में गोली मारकर हत्या कर दी गई.
उमेश गाड़ी से उतर ही रहा था, तभी बदमाशों ने उसपर फायरिंग कर दी. पाल को तुरंत स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल ले जाया गया. वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पता चला कि पाल को सात गोलियां मारी गई थीं.
खबर है कि सभी बदमाश क्रेटा गाड़ी में उमेश के घर के बाहर पहुंचे थे. आरोप है उस गाड़ी को अरबाज ही चला रहा था. अरबाज ने कथित तौर पर पहले शूटरों को उमेश पाल के पास उतारा और फिर तेजी से गाड़ी दूसरी तरफ लेकर आया जिसमें बैठकर शूटर वारदात के बाद फरार हुए.
हत्या के बाद उमेश पाल की पत्नी जया पाल ने प्रयागराज पुलिस से संपर्क किया और केस दर्ज करवाया. पूर्व सांसद अतीक अहमद के भाई, पत्नी शाइस्ता परवीन और बेटों एहजान और अबान एवं कई अन्य के खिलाफ IPC और विस्फोटक अधिनियम से जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया.
पुलिस अरबाज तक कैसे पहुंची?
उमेश पाल की हत्या के बाद उत्तर प्रदेश में स्पेशल टास्क फोर्स की 10 टीमों ने कातिलों की तलाश में दिन रात छापेमारी की. इसी बीच पूर्व सांसद अतीक अहमद के घर के पास से सफेद रंग की क्रेटा कार बरामद हुई. पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है. ये कार अतीक अहमद के घर से 200 मीटर की दूरी पर खड़ी मिली. कार में नंबर प्लेट भी नहीं है. सूत्रों के मुताबिक, घटना को अंजाम देने के बाद शूटर कार को अतीक अहमद के घर के पास छोड़कर फरार हो गए. जांच में सामने आया है कि उमेश पाल की हत्या करने आए सात में से दो शूटर अतीक अहमद गैंग के थे.
पुलिस ने 27 फरवरी को अरबाज का पीछा किया. धूमनगंज के नेहरू पार्क के पास मुठभेड़ हुई. इस मुठभेड़ में अरबाज मारा गया. धूमनगंज थाने में तैनात एक सिपाही मुठभेड़ के दौरान घायल हुआ है.
हत्याकांड में शामिल बाकी आरोपियों की तलाश भी तेज हो गई है. प्रयागराज से बाहर जाने वाले रास्तों पर पुलिस विशेष चेकिंग अभियान चला रही है. हत्यारे प्रयागराज छोड़कर ना भाग जाएं, इसलिए जिले की सीमा पर भी चेकिंग चल रही है. पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, एडिशनल एसपी रैंक के अधिकारी की अगुवाई में यूपी STF की प्रयागराज यूनिट उमेश पाल हत्याकांड के आरोपियों की छानबीन में लगी है.