G-20 से पहले खालिस्तानी पन्नू ने कश्मीरी मुसलमानों को भड़काया, कहा- घाटी छोड़कर, दिल्ली आओ, जानें कौन हैं आतंकी पन्नू

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G-20 से पहले खालिस्तानी पन्नू ने कश्मीरी मुसलमानों को भड़काया, कहा- घाटी छोड़कर, दिल्ली आओ, जानें कौन हैं आतंकी पन्नू


भारत की राजधानी नई दिल्ली में 9-10 सितंबर को G-20 कार्यक्रम का आयोजन होने वाला है। इस आयोजन से ठीक से पहले अमेरिका में छिपकर बैठे सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने नई चालें चलना शुरू कर दिया है।

आतंकी गुरुपतवंत सिंह पन्नू ने G-20 को लेकर एक ऑडियो मेसेज जारी किया है। इसमें वह कश्मीरी मुसलमानों को उकसाते हुए सुना जा सकता है। पन्नू इसमें मुसलमानों को कश्मीर घाटी छोड़कर दिल्ली आने और G-20 समिट के दौरान दिल्ली को ब्लॉक करने के लिए उकसा रहा है।

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक इस ऑडियो में खालिस्तानी आतंकी पन्नू जुम्मे की नमाज के बाद प्रगति मैदान मार्च करने के लिए भी भड़का रहा है। इसके साथ पन्नू ने IGI एयरपोर्ट पर खालिस्तान का झंडा लहराने की भी धमकी दी है।

आपको बता दें कि बीते महीने 26 अगस्त को दिल्ली के 5 मेट्रो स्टेशन पर खालिस्तान के समर्थन में और एंटी इंडिया स्लोगन भी लिखे गए थे। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने तेजी दिखाते हुए देशविरोधी नारे लिखने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इन आरोपियों को पंजाब से पकड़ा। उन्होंने बताया कि सिख फॉर जस्टिस चीफ गुरपतवंत सिंह पन्नू के कहने पर उन्होंने मेट्रो स्टेशनों पर खालिस्तान के समर्थन में स्लोगन लिखे थे। इसके लिए उन्हें करीब चार लाख रुपये भी मिले थे।

*कौन है गुरपतवंत सिंह पन्नू?*

गुरपतवंत सिंह पन्नू पंजाब के खानकोट का रहने वाला है। पन्नू ने पंजाब यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई की है। इसके बाद वह विदेश चला गया था। तब से ही वह कनाडा और अमेरिका में रह रहा है। विदेश में रहकर ही उसने सिख फॉर जस्टिस संगठन का गठन किया और वहां खालिस्तानी मूवमेंट चला रहा है। इसमें उसे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI की मदद मिलती है।

आपको बता दें कि दिल्ली पुलिस ने G-20 को लेकर सुरक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। इस सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन और कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो सहित कई बड़े देशों के राष्ट्राध्यक्ष दिल्ली पहुंचेंगे।

इस अहम दिन पर दिल्ली की सुरक्षा के लिए तकरीबन 1.30 लाख सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया जाएगा। इस वर्ल्ड क्लास सम्मेलन को लेकर गृह मंत्रालय की कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं।

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